देहरादून। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आया है। राज्य सरकार ने सीबीआई जांच के लिए जरूरी होमवर्क पूरा कर लिया है और जल्द ही केंद्र सरकार को औपचारिक पत्र भेजा जा सकता है। यह पहल अंकिता के माता-पिता की मांग पर देहरादून में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दर्ज नए मुकदमे के आधार पर की जा रही है।
मामले में स्वामी दर्शन भारती और पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी की सक्रिय भूमिका भी चर्चा में है। उर्मिला सनावर से मिले ऑडियो-वीडियो सहित नए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाएगा। कानूनी अड़चनों से बचने के लिए पुराने केस के बजाय नए मुकदमे को आधार बनाया गया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नई जांच से पहले से सजा पाए दोषियों को कानूनी राहत मिलने की आशंका भी है। फिलहाल सरकार वसंत विहार थाने में दर्ज केस के आधार पर सीबीआई जांच की दिशा में आगे बढ़ रही है।