(आर.पी.उदास)
काशीपुर।उत्तराखंड सरकार के चार साल बेमिसाल के संकल्प को साकार करने में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन (पिटकुल) भी जी_जान से जुटा है, इसी को लेकर पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यान अपने तीन दिवसीय कुमाऊं भ्रमण पर यहां पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं का गहन निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री ध्यानी ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि इस वर्ष मार्च तक उत्तराखंड में चार नए बिजली घर लोकार्पण के लिए बनकर तैयार हो जाएंगे। 
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड सरकार के चार साल बे मिसाल के संकल्प को साकार करने परिपेक्ष्य में पिटकुल द्वारा दिन रात कार्यो को त्वरित गति प्रदान हेतु पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी.ध्यानी पिछले तीन दिन से कुमाऊँ भ्रमण पर हैं, इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं132Kv विद्युत उपेंद्र धौलाखेड़ा, 132KV विद्युत उपेंद्र खटीमा और 132KV विद्युत उपेंद्र लोहाघाट का निरीक्षण किया गया. विद्युत उपेन्द्र हेतु transfomers की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कल ELDECO सितारगंज में स्थित Transformer निर्माता में निर्माणाधीन Transformers का निरीक्षण कर शीघ्र transformers उपलब्ध कराने के सन्दर्भ में कंपनी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दौरान पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी सी ध्यानी ने पिटकुल एवं कंपनी अधिकारियों को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के विकल्प रहित संकल्प एवं चार साल बेमिसाल में पिटकुल की अहम भूमिका सुनिश्चित करने एवं कम-से-कम चार विद्युत उपेंद्र का लोकार्पण ससमय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर कमलों से वर्ष मार्च 2026 में करने का संकल्प लिया है। इस दौरान मुख्य अभियंता हितेंद्र सिंह ह्ययांकि, पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता ललित मोहन बिष्ट, महेश रावत, अधिशासी अभियंता मोहम्मद शावेज, राकेश बिजलवाण, हरेंद्र नेगी एवं अन्य अधिकारीगण उपलब्ध रहे।
सीएसआर के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है पिटकुल
कुमाऊं दौरे के तीसरे दिन पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी. सी. ध्यानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तीकरण एवं वोकल फ़ार लोकल नीति के अन्तर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बनाने के नीति के अन्तर्गत अन्य संस्थाओं के साथ- साथ पिटकुल द्वारा सी. एस. आर. के अन्तर्गत दिये गये सहयोग से यूकोस्ट देहरादून के माध्यम से खर्ककार्की चंपावत में निर्मित महिला सशक्तीकरण प्रोद्यौगिकी केन्द्र का भी भ्रमण किया। इस सेंटर में महिलाओं को स्थानीय उत्पादों यथा मंडुवा से मिलेट्स, बुरांश, माल्टा से जूस, मंदिरों में चढ़ाये गये फूलों के साथ ताजे फूलों को मिलाकर धूप एवं सुगंधित तेल इत्यादि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इसके साथ ही पिरूल से बिरकेटस बनाकर उन्नत चूल्हों के प्रयोग से ग्रामीण घरों में ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण होगा। प्रबन्ध निदेशक श्री ध्यानी ने कहा कि चम्पावत का महिला सशक्तिकरण प्रोद्योगिकी केन्द्र उत्तराखंड राज्य का रोल माडल बनेगा ।