हरिद्वार।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित संत सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने ब्रह्मगिरी महाराज को सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, त्याग और मानवता के लिए समर्पित रहा। भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने सनातन परंपराओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है तथा सख्त नकल विरोधी, दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों से राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। नकल विरोधी कानून के चलते 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान और विकास कार्यों की भी सराहना की।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सहित अनेक संत-महात्मा, धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।