…तो क्या कांवड़ियों की कड़ी परीक्षा ले रहे हैं भोलेनाथ

(आर.पी. उदास)

चौतरफा जय भोले के नारों से गुंजायमान है उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश

तीन वर्षों से कोरोना प्रतिबंधों के बाद इस बार सावन में भोले के भक्तों में कांवर लाने का जोश सिर चढ़कर बोल रहा है , शासन – प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है परंतु भोलेनाथ भी कावड़ियों के जोश के विपरीत उनकी कड़ी परीक्षा ले रहे हैं , कई स्थानों पर सड़क हादसों में कांवरियों की दुखद मौत के बावजूद शिव भक्तों के जोश और जज्बे में कोई कमी नहीं है।

यूं तो सावन में हरिद्वार से कावड़ लाने का सिलसिला बहुत पुराना है परंतु कोरोना के कारण दो-तीन वर्षों से प्रतिबंधों के बाद इस बार सावन का महीना लगते ही हरिद्वार में कांवड़ मेला जोर-शोर से शुरू हो गया । शिव भक्तों को कावड़ लाने में कोई दिक्कत परेशानी ना हो इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने बहुत सी सुविधाएं देने के साथ ही प्रशासन को इसके लिए कड़े निर्देश दिए हैं , खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवर लाने वाले शिव भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं । सरकारी दिशानिर्देशों के पालन में कांवरियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई ,कई स्थानों पर अपनी आदत के विपरीत पुलिसकर्मी कांवरियों की सेवा करते नजर आ रहे हैं। कांवड़ मेला के चलते धर्मनगरी हरिद्वार तो भगवामय हो चुकी है , भारी भीड़ भाड़ के चलते वहां स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई है । कल सावन की शिवरात्रि है इसके मद्देनजर लाखों की संख्या में शिव भक्त कावड़ लेने हरिद्वार और नीलकंठ पहुंचे हैं । हरिद्वार के साथ ही नीलकंठ पर तो इस बार शिव भक्तों की भारी भीड़ भाड़ के कारण पैर रखने तक की जगह नहीं है। पैदल के अलावा इस बार मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों से भी शिव भक्त जल लेने पहुंच रहे हैं उधर शिव भक्तों के कांवर लाने के जोश के विपरीत भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की कड़ी परीक्षा ले रहे हैं , पहली बार सावन में बारिश ना होने के कारण भीषण गर्मी पड़ रही है जिसके चलते पैदल चलना दूभर हो रहा है । उत्तर प्रदेश के बदायूं के पास 7 कांवरियों और रुड़की में 2 कांवरियों की सड़क हादसों में दुखद मृत्यु हो गई ,जबकि जल लेकर आ रहे एक कांवरिया की चलती मोटरसाइकिल में आग लग गई। इन वारदातों के बाद शिव भक्तों में शोक की लहर दौड़ी परंतु उनके जोश और जज्बे में कोई कमी देखने को नहीं मिली ।कहते हैं कड़ी परीक्षा के बाद भगवान अपने भक्तों को शुभ फल देते हैं इसी आस में शिव भक्त भी पूरी आस्था के साथ कांवर लेकर आ रहे हैं।
चौतरफा जय भोले के नारों से गुंजायमान है उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश

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