काशीपुर। ग्राम बरखेड़ा पांडे के पूर्व प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर लगे लाखों रुपए के गोलमाल और अनियमितताओं के मामले में सीडीओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने गांव पहुंचकर जांच पड़ताल और पूछताछ की , समिति ने कहा है कि कुछ आरोप सही पाए गए हैं जबकि कुछ की जांच चल रही है। इस मामले में बरखेड़ा पांडे के पूर्व प्रधान शांति प्रसाद ने जिला पंचायत राज अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर कहा था की आयु की अहर्ता के आधार पर 7 फरवरी 2019 को संयुक्त मजिस्ट्रेट ने ग्राम बरखेड़ा पांडे के प्रधान सरफराज आलम को निलंबित कर दिया था इस आदेश के बाद वीडियो ने ग्राम पंचायत के खातों से रकम की निकासी पर रोक लगा दी थी ।इसके बावजूद 14 फरवरी 2019 को इस खाते से 14 वें वित्त की राशि आहरित कर ली गई। इसके अलावा गांव में सीताराम के मकान से होली पुलिया तक की सड़क कागजों में बनी दिखाकर उसका भुगतान प्राप्त कर लिया।
इसके अलावा गांव में हैंडपंपों और वृक्षारोपण आदि कई आरोप लगाकर शिकायत की गई थी की तत्कालीन प्रधान सरफराज आलम और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 26 अप्रैल 2019 को एक ही दिन में ग्राम सभा के खाते से 26.50 लाख रुपए की रकम आहरित कर ली। पूरे मामले की जांच के लिए सीडीओ मयूर दीक्षित ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 1 सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। जांच कमेटी में शामिल खंड विकास अधिकारी चिंताराम आर्य , पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता परवेज आलम और सहायक लेखा अधिकारी राम अवतार शर्मा विगत दिवस बरखेड़ा पांडे गांव पहुंचे और मौके पर जांच कर शिकायतकर्ता शांति प्रसाद पूर्व प्रधान सरफराज आलम के बयान दर्ज किए और गांव में पूछताछ की। ग्राम पंचायत के सभागार में उन्होंने कई घंटे तक दस्तावेजों की गहन छानबीन की, कमेटी में शामिल सहायक अभियंता परवेज आलम ने बताया कि कुछ आरोप सही पाए गए हैं जबकि कुछ पर जांच चल रही है कमेटी तय समय पर अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप देगी। इस मौके पर विकास खंड कीअवर अभियंता शिवानी व ग्राम प्रधान दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।