हरिद्वार। जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को व्यापक मॉक अभ्यास किया गया। अभ्यास के तहत एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें अत्यधिक वर्षा के कारण अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से हरकी पैड़ी क्षेत्र में भगदड़ मचने और 15 से 20 श्रद्धालुओं के तेज बहाव में बहने की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में तत्काल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) की टीम का गठन किया गया। राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय के लिए ऋषिकुल मैदान में स्टेजिंग एरिया स्थापित किया गया।
स्टेजिंग एरिया कमांडर एवं उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल मॉक अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में संबंधित एजेंसियों की तत्परता और समन्वय को परखना तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।