फर्जी आधार कार्ड से खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड बनवाकर निकाली रकम, ज्वेलरी, प्लॉट और स्कूटी खरीदी; 13 लाख नकद समेत कई साक्ष्य बरामद
हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन के मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक प्लॉट की रजिस्ट्री, एक स्कूटी, फर्जी आधार कार्ड, खाताधारक के नाम का डेबिट कार्ड, डेबिट कार्ड आवेदन प्रपत्र और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह की मदद करने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
आईसीआईसीआई बैंक, पुराना रानीपुर मोड़ शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे ने आठ अक्तूबर 2025 को कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक की शाखा में संचालित एक खाते में पिछले एक माह के दौरान करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुई है। बैंक की बेंगलुरु शाखा में खाताधारक ने शिकायत कर बताया था कि खाते से उसकी जानकारी के बिना निकासी की गई है। शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या-667/27 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले। 18 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर भगवानपुर क्षेत्र के सिसौना और रायपुर में दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मंडावर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहरपुर के पास हाईवे से करीब 150 मीटर अंदर एक खेत के पास नीले रंग की स्कूटी खड़ी मिली, जिसके पास दो पुरुष और एक महिला बातचीत कर रहे थे। पुलिस टीम को देखते ही तीनों भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम संगीता देवी बताया। उसके साथ मौजूद दोनों व्यक्तियों की पहचान रीनू कुमार उर्फ सोनू और अपेन्दर कुमार सहगल के रूप में हुई। संगीता ने बताया कि दोनों उसे आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड लाकर देते थे। तलाशी में संगीता देवी के कब्जे से तीन लाख रुपये नकद, उसके नाम के दो आधार कार्ड, आकाश सिन्हा के नाम का आईसीआईसीआई बैंक का डेबिट कार्ड, दो मोबाइल फोन तथा आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड आवेदन प्रपत्र बरामद हुआ। अपेन्दर कुमार सहगल के कब्जे से चार लाख रुपये नकद और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन तथा रीनू कुमार उर्फ सोनू के कब्जे से छह लाख रुपये नकद, सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन और उसका आधार कार्ड बरामद किया गया।
पूछताछ में संगीता देवी ने बताया कि सोनू के कहने पर उसने जुलाई-अगस्त 2025 में देहरादून, रुड़की और दिल्ली जाकर उक्त डेबिट कार्ड से करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी और सोनू को सौंप दी। भगवानपुर में 23 जुलाई 2025 को आकाश सिन्हा के नाम के डेबिट कार्ड से एटीएम से 50 हजार रुपये तथा अगले दिन करीब एक लाख रुपये निकाले गए, जिन्हें आपस में बांट लिया गया। पहला डेबिट कार्ड बंद होने पर सोनू ने फोन बैंकिंग के माध्यम से आकाश सिन्हा के नाम नया एटीएम कार्ड भी जारी करा लिया था।
पूछताछ में अपेन्दर कुमार सहगल ने बताया कि उसने सोनू को कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते की जानकारी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद सोनू ने फोन बैंकिंग के माध्यम से कंपनी के खाते में आकाश सिन्हा के नाम की ई-मेल आईडी बदलवाई और बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर उसी नाम से नया डेबिट कार्ड जारी करा लिया।
मौके पर खड़ी नीले रंग की स्कूटी अपेन्दर कुमार के नाम पर पंजीकृत मिली। स्कूटी की डिग्गी की तलाशी लेने पर एक प्लॉट की रजिस्ट्री बरामद हुई। सोनू ने बताया कि ज्वेलरी बेचकर मिले करीब 12 लाख रुपये से यह जमीन संगीता देवी के नाम खरीदी गई थी।
विवेचना और पूछताछ में सामने आए तथ्यों तथा बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित विभिन्न माध्यमों से बड़ी कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाते थे। बैंक की लचर प्रणाली का फायदा उठाकर फोन बैंकिंग और कस्टमर केयर के माध्यम से कंपनियों के नाम पर डेबिट कार्ड जारी कराते थे। फर्जी आधार कार्ड के जरिए कार्ड प्राप्त कर एटीएम से नकदी निकालते थे और ज्वेलरी सहित अन्य खरीदारी करते थे। जांच में यह भी पता चला कि उनके निशाने पर कीप से इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, गैलेक्सी इलेक्ट्रिकल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, बजाज इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, होंडा केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ऑटोमेटिक मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के खाते भी थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपित उपेंद्र कुमार और सोनू कुमार वर्ष 2022 में बेहट थाने के एटीएम फ्रॉड मामले में जेल जा चुके हैं। वहीं सोनू कुमार वर्ष 2013 में सहसपुर थाने के एक चर्चित हत्याकांड में भी जेल जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपितों में संगीता देवी पत्नी बिकास कुमार निवासी हाल ग्राम सिसौना थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार (मूल निवासी बिहार), अपेन्दर कुमार सहगल पुत्र पाल सिंह निवासी गोविंद विहार, जनकपुरी, जिला सहारनपुर तथा रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार पुत्र हुकुम चंद निवासी गांव मेघछापर, थाना कुतुबशेर, जिला सहारनपुर शामिल हैं।
इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक कुंदन राणा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में उपनिरीक्षक ऋषिकांत पटवाल, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल संजीव राणा, कांस्टेबल आनंद तोमर, महिला कांस्टेबल शोभा तथा सीआईयू के कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।