विकास के साथ प्रकृति का संतुलन जरूरी : करौली शंकर महाराज

 

हरिद्वार। हिमालय दिवस पर महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने मिश्रीमठ में पौधारोपण कर हिमालय संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि हिमालय सुरक्षित रहेगा तो नदियां, जंगल, खेत और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेंगे। अनियोजित विकास और प्रकृति से छेड़छाड़ आपदाओं का खतरा बढ़ा रही है।

 

उन्होंने कहा कि पहाड़ों में विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाए। उन्होंने बताया कि करौली शंकर धाम के स्वयंसेवक देशभर में 11 लाख पौधे लगाएंगे।

इस दौरान साधकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा ली। डॉ. उमेश सचान ने बताया कि पौधों के रोपण और संरक्षण के लिए देशभर में पौधा एंबुलेंस भी चलाई जाएगी। कार्यक्रम में अनिरुद्ध भाटी, नितिन दास, अनिरुद्ध शर्मा समेत सैकड़ों अनुयायी मौजूद रहे।

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