सावधान : उत्तराखण्ड के कुछ शहरों के बाजारों में बिक रहा केमिकल युक्त आलू

सौरभ गंगवार

सावधान, अब बाजार में केमिकल वाला आलू बिक रहा है। मोटी कमाई के चक्कर में माफ़ियाओं ने नया पैतरा अपनाया है। पुराने आलू में मिट्टी के साथ केमिकल मिलाकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नगर व ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों सब्जियों में केमिकल का प्रयोग कर खुले आम जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। खासतौर पर कोल्ड स्टोर के आलू में मिट्टी के साथ केमिकल मिलाकर उसकी मिठास खत्म करने के बाद बाजार में महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। इस आलू के प्रयोग से लोगों में खुजली आदि की बीमारियां हो रही है इन दिनों नए आलू के नाम पर कोल्ड स्टोर में रखा पुराना आलू बेचा जा रहा है। फुटकर में किसानों को ₹20 प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।

दुकानदार इस आलू को कोल्ड स्टोर से लेते हैं। बाद में इसकी कोल्डिंग ग्रीटिंग की जाती है, क्योंकि कोल्ड स्टोर से निकाला गया आलू ठंडा होता है। इसलिए इस आलू को करीब 24 घंटे तक सामान्य होने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब यह आलू सामान्य हो जाता है तो इस पर मिट्टी में मिला तेजाब नुमा केमिकल मिला दिया जाता है। कोल्ड स्टोर में मीठा पन इसलिए होता है, इसमें जो केमिकल मिलाया जाता है वह इसकी मिठास को खत्म कर देता है। केमिकल तो आलू में घुल जाता है और जो बाहर मिट्टी सी लगी है वह धोने पर साफ हो जाती है। ऐसे में इसे आलू के नाम पर आसानी से भेज दिया जाता है। यह अलग बात है कि नया बताया जाने वाले इस आलू में ऐसी कलियां निकलने लगी होती है।

कोल्ड स्टोर में 8 से ₹10 प्रति किलोग्राम में खरीदा गया आलू होता है। अधिक मुनाफा कमाने के लिए इसमें पहले केमिकल मिलाया जाता है। बाद में फुटकर में ₹20 किलो बेचा जा रहा है। अभी तक इस केमिकल से मनुष्य के स्वास्थ्य को क्या नुकसान हो रहा है यह चिकित्सक तो नहीं बता पा रहे हैं।

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