देहरादून (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार से तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। पहले दिन उन्होंने पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर स्थित गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर योगी ने एक जनसभा को संबोधित कर अपने स्कूली अध्यापकों को भी सम्मानित किया। 28 साल बाद बेटे के घर लौटने पर मां भी काफी खुश नजर आईं। उन्होंने अपने बेटे योगी आदित्यनाथ के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया। योगी आदित्यनाथ ने अपनी मां बातचीत भी की। इस दौरान दोनों के चेहरे खुशी से खिले नजर आए। एक रात बिताने के बाद सीएम योगी छोटे भाई महेंद्र सिंह बिष्ट के बेटे के मुंडन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद हरिद्वार के लिए रवाना हो जाएंगे। योगी ने कहा कि वह पौड़ी के पंचूर गांव में पैदा हुए और यमकेश्वर के नजदीक चमोटखाल स्थित एक स्कूल में उन्होंने कक्षा 1 से 9 तक की पढ़ाई की।
उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने उन स्कूली शिक्षकों की भी याद आ रही है जो अब यह दुनिया छोड़ चुके हैं। यमकेश्वर में बनाए गए मंच पर सम्मान समारोह के दौरान योगी ने अपने स्कूली शिक्षकों को शॉल, मिठाई और गुप्त दान भेंट किया। इस दौरान योगी अपने संबोधन में गुरु महंत अवैद्यनाथ को याद करते करते भावुक हो गए और रोने लगे। इस कार्यक्रम के बाद सीएम योगी अपने पैतृक गांव पंचुर के लिए रवाना हो गए। योगी के कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट और चिदानन्द मुनि मौजूद थे। साथ ही उनके मंच पर 6 अध्यापक आसीन रहे, जिन्होंने स्कूल में योगी का पढ़ाया था। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 साल बाद अपने पैतृक गांव पहुंचे हैं और संन्यास लेने के 28 साल बाद उन्होंने अपने घर में रात बिताई। इससे पहले उत्तराखंड चुनाव के दौरान ऋतु खंडूरी के लिए प्रचार करने के दौरान वे अपने गांव गए थे। गौरतलब है कि कोरोना काल में सीएम योगी के पिता का निधन हो गया था, लेकिन वह अपनी पिता के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में नहीं जा पाए थे।