घोटालों का खेल उजागर होने से भाजपा और उत्तराखंड सरकार की किरकिरी

(आर. पी.उदास)

देहरादून ।”जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” की नीति पर चलने का दावा करने वाली उत्तराखंड सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों में घोटालों का खेल उजागर होने के बाद एक और जहां विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है, वहीं विभिन्न विभागों में हुए घोटालों की बात सामने आने पर भाजपा और उत्तराखंड सरकार की खासी किरकिरी हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीबीआई जांच की बात करते हुए कह रहे हैं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तराखंड में इन दिनों घोटाला घोटाला का खेल चल रहा है ,यूके एसएससी भर्ती घोटाले में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की जा रही हैं ।विधानसभा में बैक डोर भर्तियां ओपन यूनिवर्सिटी में 56 अवैध नियुक्तियों और शिक्षा विभाग में तत्कालीन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के रिश्तेदारों की अवैध नियुक्तियों का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच महासंग्राम छिड़ गया है, और दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही है। खास बात यह है कि ओपन यूनिवर्सिटी में 56 नियुक्तियों की जांच की मांग यूनिवर्सिटी के अंदर से उठी है ,टीचर संघ ने इन भर्तियों की जांच कराने की मांग की है । इस मामले में उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब ओपन यूनिवर्सिटी के वीसी ने पत्रकारों को हड़काते हुए उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही। इस पर अब उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत को सफाई देनी पड़ रही है, उधर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि श्री रावत के कार्यकाल में विश्वविद्यालय से लेकर तमाम जगह की गई नियुक्तियों की गंभीरता से जांच कराने की आवश्यकता है। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान अपने सगे संबंधियों और रिश्तेदारों को इंटर कॉलेजों में अपात्र होने के बाद भी नौकरियां दिए जाने का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है।
इसके अलावा पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां का सिलसिला भी जारी है ,अब तक करीब 40 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। विधानसभा में बैक डोर भर्तियों के मामले में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी एक्शन में है, उन्होंने इस प्रकरण की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई बार स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि जरूरत हुई तो सीबीआई जांच कराई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कुल मिलाकर इस समय सूबे में जो घोटाला घोटाला खेला जा रहा है उससे भाजपा और उत्तराखंड सरकार की खासी किरकिरी हुई है ।साथ ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *