पुरानी पेंशन बहाल न करना सरकार की नियत में खोट होने का प्रमाण :पसबोला

देहरादून । राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने इस बार भी दशहरे के दिन एनपीएस रूपी रावण का दहन किया l मोर्चा पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए लगातार सरकार पर दबाव बनाने की नीति पर कार्य कर रहा है l इसी के तहत देश भर में पेंशन न्याय यात्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत के नेतृत्व में चलाई जा रही है ।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा का कहना है कि वास्तव में रामराज्य तभी बहाल होगा, जब कर्मचारियों को उनकी वास्तविकता आवश्यकता पुरानी पेंशन बहाल होगी lराष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय महासचिव सीताराम पोखरियाल का कहना है कि पेंशन इसलिए जरूरी है, क्योंकि कर्मचारी जो 60 वर्ष तक सक्षम है तो सेवा देते हैं और जब 60 वर्ष बाद रिटायर्ड हो जाते हैं तब उन्हें वास्तविक रूप से सहयोग की आवश्यक्ता होती है, सरकार उनका अधिकार भी उनसे छीन रही है।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रान्तीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ० डी० सी० पसबोला सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि स्वयं के लिए तो नीतिनियंताओं ने पुरानी पेंशन रखी हुई है , जबकि सरकारी कर्मचारी जो केवल सरकारी आमदनी पर निर्भर है उसे पुरानी पेंशन देने को सरकार तैयार नहीं हैl

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आईटी सेल प्रभारी अवधेश सेमवाल का कहना है कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा का संकल्प पुरानी पेंशन को पुनः बहाल कराना है. जिसके लिए लगातार हर पर्व, त्यौहार पर या राष्ट्रीय पर्व के माध्यम से भी पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को गंभीरता पूर्वक केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ।दशहरा पर्व पर प्रदेश के 80 हजार  एनपीएस कार्मिकों ने एनपीएस रूपी रावण दहन किया ।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के उत्तरकाशी जनपद अध्यक्ष गुरुदेव रावत ने पेंशन बहाल होने तक संघर्ष का आह्वान किया है।

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