उधम सिंह नगर में नहीं रहा पुलिस का खौफ

सौरभ गंगवार

रूद्रपुर। तराई का उधम सिंह नगर जनपद अपराधों का गढ़ बनता जा रहा है। दूसरे प्रदेशों से अपराधी यहां आकर खुलेआम हत्या, लूट डकैती जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस का नेटवर्क अपराधियों के सामने कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। हालाकि पुलिस वारदातों का खुलासा भी तेजी से हो रहा है लेकिन वारदातें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।

उधम सिंह नगर जिले में अपराधों का ग्राफ पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ रहा है। अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रही है। काशीपुर में चौबीस घंटे के भीतर हत्या की दो वारदातों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कुण्डा थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव में यूपी पुलिस की दबिश के दौरान ज्येष्ठ उप प्रमुख की पत्नी गुरप्रीत कौर की हत्या के बाद कुण्डेश्वरी क्षेत्र में स्थित ग्राम जुड़का नंबर दो में बदमाशों ने पूर्व प्रधान एवं खनन व्यवसायी महल सिंह की दिन दहाड़े घर में घुसकर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। दोनों ही वारदातों की पृष्ठ भूमि में खनन का खेल सामने आ रहा है। दोनों ही मामलों का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ हैं कुण्डा के भरतपुर का मामला तो अब इसलिए भी पेचीदा है क्यों कि इसमें यूपी पुलिस की संलिप्तता है। यूपी पुलिस बिना किसी सूचना के उत्तराखण्ड में घुसकर कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाकर फरार हो गयी। हैरत तो यह है कि पुलिस कस्टडी में ईलाज करा रहे यूपी पुलिस के जवान कानून व्यवस्था को ताक पर रखते हुए खुलेआम फरार हो गये।

डीआईजी नीलेश आनंद भरणे भले ही यह दावे करते नहीं थकते कि उत्तराखण्ड में अपराधियों के लिए जगह नहीं लेकिन स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। स्थानीय अपराधियों के साथ साथ दूसरे प्रदेशों के पेशेवर अपराधी यहां खुलेआम वारदातों को अंजाम देने में पीछे नहीं हैं। दूसरे प्रदेशों के कई पेशेवर अपराधियों ने तराई के इस जिले को अपनी शरण स्थली बना रखा है। काशीपुर की दो ताजा घटनाओं से पहले भी हाल के दिन में कई ऐसी संगीन वारदातें सामने आयी हैं जिससे कानून व्यवस्था लचर साबित हो रही है। जिले में हत्या के साथ साथ लूट, डकैती, रेप जैसी संगीन वारदातों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। काशीपुर में चौबीस घंटे में दो संगीन वारदातों से पहले किच्छा के पुलभट्टा थाना क्षेत्र में लकड़ी बीनने गये युवक की एक कांग्रेसी नेता समेत अन्य लोगों ने निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी थी।

जिले में अपराधिक तत्वों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि अब मंत्री तक सुरक्षित नहीं। हाल ही में सितारगंज के विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या के लिए बकायदा सुपारी तक दी जा चुकी थी। कैबिनेट मंत्री बहुगुणा के करीबी अगर इस मामले में सक्रिय नहीं होते तो अपराधी उन्हें भी ठिकाने लगाने की तैयारी कर चुके थे। रूद्रपुर के ट्रांजिट कैम्प थाना क्षेत्र की आनंद बिहार कालोनी में स्थित माया ज्वैलर्स के स्वामी राहुल वर्मा के घर में पिछले सप्ताह बेखौफ बदमाशों ने धावा बोलकर न सिर्फ लाखों के जेवर लूटे बल्कि राहुल वर्मा और उनकी पत्नी को हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। राहुल की पत्नी की हालत अभी तक गंभीर बनी हुयी है। इस घटना का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पायी है।

 

अपराधी इतने बेखौफ हैं कि जज का निवास भी सुरक्षित नहीं। खेड़ा स्थित जज के निवास पर स्थित चंदन का पेड़ चोरों ने बेखौफ होकर चोरी कर लिया। वहीं इससे कुछ दिन पहले पीलीभीत अपराधियों ने रूद्रपुर के युवक को अगवा करके पीलीभीत में ले जाकर हत्या कर दी थी जिले में एसएसपी मंजूनाथ टीसी के कार्यकाल में हालाकि तमाम बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है जिस तेजी से वारदातें हो रही है उतनी ही तेजी से खुलासे भी हो रहे हैं लेकिन अपराधों का ग्राफ रोकने में कप्तान मंजूनाथ टीसी विफल साबित हो रहे हैं। इससे पहले कप्तान रहे सदानंद दाते और बरिंदरजीत सिंह ने जहां जिले में आदर्श पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत किया था वहीं उन्होंने अपराधों पर भी नियंत्रण करके अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा किया था लेकिन आज जिले में लगातार हो रही वारदातों से लोग सहमे हुए नजर आ रहे हैं।।

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