बजट के अभाव में बुनकरों ने अपने दम पर लगाई हथकरघा प्रदर्शनी

काशीपुर । उत्तराखंड हथकरघा हस्तशिल्प विकास परिषद उद्योग निदेशालय के जिम्मेदार अधिकारियों की हीला हवाली के कारण क्षेत्र के बुनकर अपने उत्पाद बेचने के लिए बाजार नहीं मिल पाने से परेशान हैं। परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है प्रत्येक वर्ष विभागीय खर्च पर लगने वाली हथकरघा प्रदर्शनी इस बार बुनकरों ने अपने दम पर लगाई है।

 

जानकारी के अनुसार दिसंबर के महीने में यहां डिजाइन सेंटर परिसर में लगने वाली हथकरघा प्रदर्शनी शुरू हो गई है, जिसमें लगाई गई दर्जनों दुकानों पर बुनकरों द्वारा तैयार सूती , ऊनी व अन्य प्रकार की वस्त्रों की बिक्री की जा रही है। गौरतलब बात यह है कि यह प्रदर्शनी इस बार हथकरघा हस्तशिल्प विकास परिषद के खर्च पर नहीं बल्कि बुनकरों ने अपने दम पर लगाई है । हालांकि विभाग द्वारा बुनकरों को डिजाइन सेंटर में जगह उपलब्ध करवाकर प्रदर्शनी की अनुमति दी गई है ।डिजाइन सेंटर की प्रभारी कुमकुम पोखरिया ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए विभाग से बजट की मांग की गई है, बजट स्वीकृत होने पर बुनकरों को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। उद्योग विभाग के जीएम उत्तम कुमार तिवारी ने भी बजट का अभाव बताते हुए यही बात दोहराई है।

उधर इस मामले में मैसर्स गरीब नवाज डेस्टिट्यूट बुनकर उत्पाद समिति महुआखेड़ा गंज के अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ और अतीक रंगाई छपाई उद्योग अल्ली खां के अध्यक्ष मोहम्मद अतीक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बुनकर अपने तैयार माल को बेचने के लिए बाजार ना मिल पाने के कारण काफी परेशान हैं । उन्होंने बताया कि पूर्व में उत्तराखंड हथकरघा हस्तशिल्प विकास परिषद उद्योग निदेशालय देहरादून और विकास आयुक्त हथकरघा विकास परिषद भारत सरकार द्वारा बुनकरों के तैयार माल को बेचने के लिए विभिन्न स्थानों पर मेला प्रदर्शनी आयोजित की जाती थी, जिनमें बुनकर अपने तैयार उत्पादों की बिक्री कर अच्छा मुनाफा कमाते थे। परंतु अब विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण इन मेला प्रदर्शनी के लिए समय पर बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, यही उनकी चिंता का कारण है।

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