विदेश यात्रा करने वालों के लिए बूस्टर डोज में कम हो सकता गैप

नई दिल्ली । स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार दूसरी खुराक के बाद विदेश यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए बड़ा फैसला ले सकती है। कोविड -19 वैक्सीन की दूसरी खुराक और बूस्टर खुराक (प्रीकॉशन डोज) के बीच के अंतर को कम से कम 90 दिनों तक किया जा सकता है। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विदेशी यात्रियों के लिए प्रीकॉशन डोज के मानदंडों में ढील देने का निर्णय टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिशों पर आधारित है। एनटीएजीआई ने सिफारिश की थी कि जिन लोगों को विदेश यात्रा करने की आवश्यकता है, वे बूस्टर डोज ले सकते हैं, जैसा कि वे देश द्वारा आवश्यक नौ महीने के अंतराल से पहले यात्रा कर रहे हैं। अब तक, 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोग जिन्होंने दूसरी खुराक के नौ महीने पूरे कर लिए हैं, वे बूस्टर डोज के लिए पात्र हैं। गौरतलब है कि भारत ने इस साल 10 जनवरी से हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को कोविड -19 टीकों की बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया था। मार्च में कॉमरेडिटी क्लॉज को हटा दिया गया था, जिससे 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को बूस्टर डोज के लिए पात्र बना दिया गया था। बता दें कि बीती 10 अप्रैल से देश के निजी टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को टीकों की बूस्टर डोज लगनी शुरू हो गई है।

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