काशीपुर
पिछले कुछ समय से इस शहर के लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। कभी किसी होटल में देह व्यापार कराया जा रहा है तो कहीं किसी अस्पताल में महिलाओं का शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ ही रोजाना कोई ना कोई महिलाओं पर हो रहे घरेलू अत्याचार का मामला प्रकाश में आ रहा है। और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे चिकित्सालय में कोई ना कोई मौत के घाट भी उतारा जा रहा है। यहां ऐसा ही देखने को मिल रहा है परन्तु प्रशासन है कि तुरंत कार्रवाई करने की वजह हर मामले को जांच बता कर टाल देता है फिर चाहे पुलिस प्रशासन हो या फिर कोई और।
इस शहर में 1 सप्ताह के भीतर ही कई घटनाएं सामने आई हैं। जिल पर नजर डालें तो दढ़ियाल बस स्टैंड के पास स्थित सहारा हॉस्पिटल है जिसमें चिकित्सकों की लापरवाही के कारण एक महिला की हुई मौत का मामला था। जिसके कारण लोगों को मृतक महिला का शव सड़क पर रखकर जाम लगाना पड़ा। फिर अनाज मंडी पुलिस चौकी के पास स्थित होटल पैराडाइज में चल रहे देह व्यापार का अवैध कारोबार ।जिसमें रूद्रपुर से आई एंटी हूंयूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट की टीम ने छापामारी करते हुए 8 लड़कों व 8 लड़कियों को अश्लीलता की स्थिति में गिरफ्तार किया और बहुत सारी आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की थी । अब एक महिला ने पुलिस से शिकायत करते हुए संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधकों के ऊपर आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल के एमडी ने चिकित्सालय में काम करने की मजबूरी को देखते हुए उससे अवैध संबंध बनाए और वीडियो क्लिपिंग बनाकर दो अन्य साथियों के साथ भी अवैध शारीरिक संबंध बनवाए उसका यह उत्पीड़न पिछले 5 वर्षों से लगातार जारी है। लेकिन अब उसे नौकरी से हटा दिया गया है ।उसने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।

ऐसा नहीं है कि प्रशासन को ऐसे मामले पहले से पता नहीं हो लेकिन प्रशासन जान कर भी अंजान बना रहता है ।कुछ महिलाएं तो स्वेच्छा से पुरुषों के अत्याचारों का शिकार होती हैं। परंतु कुछ के ऊपर वाकई अत्याचार किया जाता है ।जिसके कारण दोनों ही तरह के मामलों को एक नजर से देखा जाता है। अभी भी न जाने कितने ही घरेलू हिंसा के मामले महिला हेल्पलाइन में चल रहे हैं जिसमें दोनों पक्षों को तारीख पर बुलाया जाता है लेकिन कोई उचित फैसला नहीं होता। ऐसी ही लचीली है हमारी कानून व्यवस्था।