(आर. पी.उदास)
देहरादून। एक पुरानी कहावत है कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे तो फसल को कोई नहीं बचा सकता, इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ़ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के महाप्रबंधक (विधि) प्रवीन टंडन ने अपने निजी स्वार्थों के चलते विभाग को करोड़ों रुपए की चपत लगा डाली। सारा मामला उजागर होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस संदर्भ में पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने विगत दिवस विभाग के महाप्रबंधक (विधि) प्रवीन टंडन का निलंबन आदेश जारी करते हुए हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें कहा गया है कि श्री टंडन ने अपने पद पर रहते हुए विभिन्न प्रकरणों में वैधानिक कार्य दायित्व के निर्वहन में घोर लापरवाही व अनुशासन हीनता बरती। इसके अलावा प्रदेश की सम्मानित महिलाओं के विरुद्ध असत्य वाद दायर कर कारपोरेशन की छवि खराब की और वैधानिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करते हुए विभाग को करोड़ों रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है ।श्री टंडन पर लगाए गए गंभीर आरोपों की फेहरिस्त बहुत लंबी है परंतु इसे अगर सरल भाषा में परिभाषित किया जाए तो वे कारपोरेशन में ऊंचे ओहदे पर होने के बावजूद विभाग के कुछ ठेकेदारों और नामी-गिरामी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से दलाल की भूमिका अदा कर रहे थे और अब तक विभाग को करोड़ों रुपए का चूना लगा चुके हैं। और तो और उन्होंने वर्ष 2021 में खुद को बीमार बताते हुए मेडिकल लीव स्वीकृत ना होते हुए भी अपना वेतन ले लिया। प्रवीण टंडन के निलंबन के बाद उनके विरुद्ध उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं और उन्हें कार्यालय मुख्य अभियंता (परी. एवं अनु.) गढ़वाल क्षेत्र से संबंध कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक ने आदेश दिया है कि जांच पूरी होने तक वे अपने नियंत्रक अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय से नहीं जाएंगे। महाप्रबंधक (विधि) का कार्यभार अशोक कुमार जुयाल महाप्रबंधक (मा.सा.) को सौंपा गया है।
