हरिद्वार। प्रकृति संरक्षण के लिये मनाये जाने वाले हरेला पर्व के अवसर पर जल संरक्षण एवं जल धाराओं का पुनर्जीवन विषय पर वन विभाग, जिला प्रशासन, सीआईएसएफ तथा बीएचईएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जागरूकता गोष्ठी में शामिल हुये रानीपुर विधायक आदेश चौहान, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्व्याल, कमाण्डेंट सीआईएसएफ सत्यदेव आर्य, ईडी बीएचईएल प्रवीण चन्द्र झा, ग्रीनमैन विजय पाल बघेल उप वन संरक्षक नीरज शर्मा ने सीआईएसएफ कैम्पस बीएचईएल में विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों पौंधों का रोपण किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने हरेला पर्व की बधाई देते हुये कहा कि जीवन जीने के लिए जो भी संपदा आवश्यक है उसे भारत में धार्मिक रूप से जोड़ा गया है, जिनकी हम पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संरक्षण देने में उत्तराखण्ड की अपनी अलग पहचान है। उत्तराखण्ड का 68 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने बच्चों की परवरिश करते हैं, उसी तरह पौंधा लगाकर हमें उसके वृक्ष बनने तक उसकी परवरिश करनी चाहिये।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्व्याल ने कहा कि हरेला पर्व हरियाली, सुख तथा समृद्धि का प्रतीक है। पर्यावरण के संरक्षण में उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण योगदान है, चाहे वह चिपको आन्दोलन हो, मैत्री परम्परा हो या 1964 में चण्डी प्रसाद भट्ट का आन्दोलन हो, सभी ने प्रकृति के रक्षार्थ महती भूमिका निभाई है। उत्तराखण्ड की मातृ शक्ति ने इनमें विशेष योगदान दिया।
धीराज सिंह गर्व्याल ने बताया कि यह पर्व इस वर्ष फसल कैसी होगी, उसका भी प्रतीक है, इसके लिए तिथि के अनुसार सात प्रकार के अनाज को एक विशेष पात्र में बोया जाता है, जिसे नौवे दिन पूजा-अर्चना के बाद काटा जाता है, जिसे फिर शिरोधार्य किया जाता है। अगर सभी अनाज अच्छी तरह उग जाते हैं, तो इस वर्ष की फसल काफी अच्छी होने का यह संकेत है। जिलाधिकारी ने कहा कि विश्व के बढ़ते तापमान को रोकने के लिये हमें पेड़-पौंधे लगाने पर अधिक जोर देना होगा। आज के दिन हमें संकल्प लेना है कि हम अधिक से अधिक पेड़ लगाकर उनका संरक्षण करेंगे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये विजयपाल बघेल ने कहा कि हरेला पर्व अब पूरे देश का पर्व बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने यू.एन. को प्रस्ताव भेजा है कि हरेला पर्व को पूरे विश्व में पेड़ दिवस के रूप में मनाया जाये। कोराना काल का जिक्र करते हुये उन्होने ने कहा कि आक्सीजन हमारे लिये कितना महत्वपूर्ण है, यह हम कोराना के समय अच्छी तरह समझ गये हैं।
उप वन संरक्षक नीरज शर्मा ने कहा कि हमें पेड़-पौंधे लगाने के साथ नदियों को भी साफ व स्वच्छ बनाये रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वयं सेवी संस्थाओं के अलावा वन विभाग ढाई लाख पौधे लगायेगा।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी पी.एल. शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सचिव एचआरडीए उत्तम सिंह चैहान, पीडी के.एन. तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. मनीष दत्त, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, सचिव रेडक्रास डाॅ. नरेश चैधरी, अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. योगेश शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश सिंह यादव, लीड बैंक मैनेजर संजय सन्त, समाज कल्याण अधिकारी टी.आर मलेठा, मुख्य उद्यान अधिकारी ओम प्रकाश, आपदा प्रबन्धन अधिकारी सुश्री मीरा रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री सुलेखा सहगल, डीओपीआरडी मुकेश भट्ट, बीईंग भागीरथी से शिखर पालीवाल सहित बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों ने पौंधा रोपण किया।