हरिद्वार। शांतिकुंज द्वारा आयोजित अखंड ज्योति शताब्दी समारोह के समापन अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल समापन नहीं, बल्कि युग परिवर्तन का शुभारंभ है। उन्होंने इसे चेतना का महाकुंभ बताते हुए कहा कि यह आयोजन व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण की नई दिशा प्रदान करता है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने गायत्री परिवार को संस्कृति, संस्कार और अध्यात्म की सशक्त धारा बताते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक अशांति के दौर में भारतीय सनातन मूल्य ही विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकते हैं। समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने इसे “सौभाग्य की त्रिवेणी” बताते हुए साधना, सेवा और जीवन में ग्रहणशीलता विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री विनय रोहिला, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित देश-विदेश से आए शांतिकुंज के अनुयायी उपस्थित रहे।