हरिद्वार। काॅर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए एक्म्स की सिडकुल स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में तीन दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नोएडा स्थित छांव फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किए गए कार्यक्रम में एसिड अटैक तथा बर्न एक्सीडेंट्स से लड़कर जिंदगी को जीतने वाली कई महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर से आयी एक्सपर्ट कॉर्पाेरेट ट्रेनर श्वेता रस्तोगी ने महिलाओं को कॉर्पाेरेट कल्चर और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
एकम्स के प्योर एंड क्योर हेल्थकेयर प्लांट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एकम्स हेल्थ एंड एजुकेशन सोसाइटी की सचिव अर्चना जैन ने कहा कि सर्वाइव कर रही महिलाओं के साहस और संजीदगी से वे अभिभूत हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने की उनकी इच्छाशक्ति और जुनून जीवन की चुनौतियों का सामना करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। इन प्रतिभाशाली व्यक्तित्व की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना एकम्स के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और सफलता की इनकी कहानियां मानवता और महिला सशक्तिकरण में मिसाल बनेंगी।
कार्यक्रम में प्रतिभागी महिलाओं ने वर्कप्लेस कल्चर, पर्सनल ग्रूमिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स, इंटरव्यू की तैयारी और बेसिक डिजिटल टूल्स पर आधारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को करीब से जानने और सिडकुल-हरिद्वार के कॉर्पाेरेट और इंडस्ट्रियल माहौल को समझने का अवसर भी मिला। प्रतिभागियों ने गंगा आरती में भाग लेने के साथ प्लांट में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भी दौरा किया।
छांव फाउंडेशन के संस्थापक आलोक दीक्षित ने कहा कि ट्रॉमा के बाद जीवन को पुर्नस्थापित करना पुनः स्वस्थ्य होने से कहीं ज़्यादा मायने रख़ता है। जब आत्मविश्वास, स्वतंत्रता और प्रोफेशनल पहचान वापस मिलती है, तभी ज़िन्दगी कुछ-कुछ पहले जैसी हो पाती है। इस तरह के कार्यक्रम सर्वाइवर्स को स्पष्ट सोच और सम्मान के साथ अपना प्रोफेशन चुनने में मदद करते हैं। उन्होंने सर्वाइव कर रही महिलाओं को कौशल विकास ओर अपने भविष्य को संवारने का अवसर देने के लिए एकम्स का धन्यवाद भी किया।
छांव फाउंडेशन की ओर से अदिति तिवारी ने महिलाओं की गाइड की भूमिका निभायी। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट्स और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सिलाई मशीनें भी वितरित की गयी।