जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित जिला योजना, राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत चल रहे समस्त निर्माण कार्यों को *गुणवत्ता एवं समयबद्धता* के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा निर्गत धनराशि का समय पर और नियमानुसार व्यय सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने जनपद में बढ़ती शीतलहर को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गरीब एवं असहाय लोगों के लिए *अलाव जलाने की व्यवस्था* करने तथा *रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएँ* मुहैया कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को यह भी कहा कि कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने हेतु कार्यालय भवन एवं उसके आसपास के क्षेत्रों की नियमित और प्रभावी साफ-सफाई कराई जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि *जनपद हरिद्वार को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सभी अधिकारी पूर्ण समर्पण के साथ योगदान दें।*
बैठक में परिवहन, पुलिस तथा उपजिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वर्तमान में गन्ने की ट्रॉलियों में हो रही *ओवरलोडिंग* पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न होने पाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन कार्यालयों में वाहन निष्प्रयोज्य घोषित हो चुके हैं, उनकी *अनिवार्य रूप से 31 दिसंबर तक नीलामी* सुनिश्चित की जाए। इसमें ढिलाई किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त दीपेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई ओम जी गुप्ता, लोनिवि के दीपक कुमार, अपर परियोजना निदेशक नलिनी घिल्डियाल तथा जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी नलिनी ध्यानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।