ऑनलाइन अखबार पंजीकरण के नाम पर ठगी से सावधान रहें

वर्तमान समय में अखबारों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। परंतु इस प्रक्रिया की सही जानकारी हर व्यक्ति को नहीं होती। अनेक युवा पत्रकार और उद्यमी, जो अपना समाचार पत्र प्रारंभ करना चाहते हैं, अब केवल घोषणा पत्र भरकर अखबार शुरू नहीं कर सकते। इसी अज्ञानता का लाभ उठाकर बाजार में कुछ दलाल और तथाकथित पत्रकार सक्रिय हो गए हैं, जो लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं।

ये लोग नए लोगों से कहते हैं कि उन्होंने उनका फॉर्म भर दिया है या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू कर दी है। इसके बाद महीनों या सालों तक उन्हें झूठे बहानों में उलझाए रखते हैं। अंततः जब वे प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते, तो नए-नए बहाने बनाकर पैसा हड़प लेते हैं। वास्तव में, वे आपके परिश्रम और धन से अपने अखबारों व निजी जीवन को सुदृढ़ बना रहे होते हैं।

ये ठग खुद को “वरिष्ठ पत्रकार” बताकर समाज में प्रभावशाली छवि बनाते हैं, चार पहिया वाहनों में घूमते हैं, और नेताओं व जनता के बीच अपनी झूठी प्रतिष्ठा गढ़ते हैं। वे न केवल भोले पत्रकारों और युवाओं को छल रहे हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सहायता के नाम पर भी धन लूट रहे हैं।

अतः जनता और विशेषकर नवयुवक पत्रकारों से अपील है कि ऐसे लोगों से अत्यंत सावधान रहें। अखबार पंजीकरण की प्रक्रिया को स्वयं समझें। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत खाते में पैसा ट्रांसफर न करें। जब भी कोई शुल्क या फीस जमा करनी हो, तो केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल या कंप्यूटर से सीधे भुगतान करें।

याद रखें — ऐसे लोगों का उद्देश्य केवल स्वार्थ और आर्थिक लाभ प्राप्त करना होता है। उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि उनकी धोखाधड़ी से किसी का सपना, करियर या भविष्य नष्ट हो रहा है। इसलिए जागरूक रहें, जानकारी प्राप्त करें, और हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

आपकी मेहनत, लगन और सपने अमूल्य हैं — इन्हें ठगों से बचाएँ, और अपने भविष्य को सुरक्षित रखें।

 

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