देहरादून। चौखुटिया में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां अग्नेरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का सशक्त मंच बन चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चौखुटिया महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय तथा स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने द्वाराहाट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए जलस्रोतों के पुनर्जीवन की योजना बनाने, गगास नदी में छोटे चौकडैमों के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास कार्यों की जल्द शुरुआत, चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता 50 बेड तक बढ़ाने और डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। इसके अलावा, अग्नेरी मंदिर के पास रामगंगा नदी पर तटबंध बनाने और चैत्र अष्टमी मेले के आयोजन के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने जागेश्वर धाम के लिए जागेश्वर प्रसादम योजना की शुरुआत की, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बाल मिठाई, तांबे के सिक्के और जागेश्वर धाम की जानकारी वाली पुस्तिका तैयार करेंगी। इससे स्थानीय ताम्र उद्योग और महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में 22,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और उत्तराखंड ने देश में सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर मिसाल पेश की है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा और स्थानीय विधायकों ने मेले की सराहना करते हुए राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रशंसा की।