देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आईआईटी रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आपदा-पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा, जो उत्तराखंड सहित पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमस्खलन और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समयबद्ध तैयारी और सामूहिक प्रयासों से कम किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4P मंत्र (Predict, Prevent, Prepare, Protect) का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में एआई आधारित चेतावनी प्रणाली, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और रैपिड रिस्पांस टीमों के माध्यम से आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में आईआईटी रुड़की की भूमिका की सराहना की और कहा कि संस्थान के सहयोग से भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग और बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली पर कार्य हो रहा है। उन्होंने सुरक्षित निर्माण और सुरक्षा मानकों के पालन पर भी जोर दिया। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत सहित विभिन्न राज्यों के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।