बरेली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इन्वर्टिस विश्वविद्यालय, बरेली में आयोजित सम्मान समारोह में शिरकत की। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल उत्तराखंड की जनता के सहयोग से संभव हुई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान और न्यायसंगत कानून लागू करना है। इससे महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार में समान अधिकार मिलेंगे, जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा, जिससे वे वर्षों से प्रतीक्षित समानता का लाभ उठा सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि UCC किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त कर समानता लाने का संवैधानिक उपाय है। इसमें किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं को नहीं बदला गया है, बल्कि केवल अन्यायपूर्ण परंपराओं को समाप्त किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि UCC में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मकसद बहन-बेटियों की सुरक्षा और ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड से निकली UCC की गंगा देश में नई चेतना जगाएगी और अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने धारा 370 हटाने, तीन तलाक समाप्त करने, नागरिकता संशोधन कानून लागू करने और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
इस अवसर पर सांसद क्षत्रपाल गंगवार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार, उत्तराखंड सरकार में दर्जा मंत्री विनय रूहेला, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. श्याम बिहारी लाल, डी.सी. वर्मा, डॉ. एम.पी. आर्या, अशोक कट्टारिया, डीन डॉ. राजेश शर्मा और कार्यकारी निदेशक पार्थ गौतम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।