हरिद्वार/रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने संत-महात्माओं को नमन करते हुए कहा कि संत समाज जीवंत तीर्थ के समान है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का लोकार्पण किया तथा घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण और पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज को सेवा और संस्कार का संदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी ने राष्ट्र और मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया और उनकी प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-संरक्षण और महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य राम मंदिर, बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे प्रकल्प सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में केदारखंड-मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, यमुनातीर्थ पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज स्थापना जैसे कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और धर्मांतरण विरोधी व दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई गई। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है, जबकि नकल विरोधी कानून से 26 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक मदरसों को सील किया गया और नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त किया जा रहा है। ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी ने भी 1100 कन्याओं के पूजन और छह कन्याओं के सामूहिक विवाह में प्रतिभाग किया और उनके सुखी जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार प्रदान किए। इस अवसर पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी सहित अनेक संत, साधु समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।