देहरादून। आईआरडीटी सभागार में मंगलवार को हिमालय दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हिमालय संरक्षण को लेकर पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हिमालय केवल पर्वत नहीं बल्कि पूरे भारत की जीवनधारा है। इसके ग्लेशियर, नदियाँ और वन न केवल प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करते हैं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हिमालय के लिए गंभीर खतरा हैं। ग्लेशियर पिघल रहे हैं और वर्षा की तीव्रता व भूस्खलन जैसी आपदाएँ बढ़ रही हैं। इसके प्रभाव से निपटने के लिए सरकार ने डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर और जनभागीदारी कार्यक्रम शुरू किए हैं।
उन्होंने पर्यटन में “सस्टेनेबल टूरिज्म” और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, विधायक किशोर उपाध्याय, मेयर सौरभ थपलियाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।