हरिद्वार। पुुलिस ने वांछित चल रहे 25,000 रुपये के इनामी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
रविवार को रानीपुर कोतवाली पुलिस व सी.आई.यू. हरिद्वार ने एसटीएफ कुमाऊं के साथ मिलकर 25,000 रुपये के इनामी फिरोज पुत्र इकबाल उर्फ बालू निवासी ककरोली को मुजफ्फरनगर के पीर वाला बाग, कस्बा ककरोली से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, विगत 10 फरवरी को असलम पुत्र असगर ने ग्राम राजपुर स्थित मस्जिद के पास से अपनी महिन्द्रा बोलेरो पिकअप चोरी कर ले जाने के संबंध में अज्ञात चोरों के खिलाफ कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज कराया था। बोलेरो की खोजबीन में जुटी पुलिस ने तीन आरोपियों अब्दुल कादिर, गुलशान व अर्शलान उर्फ अर्श को 12 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनके कब्जे से बोलेरो पिकअप बरामद किया गया था। इनकी गिरफ्तारी सुनते ही फिरोज फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन फिरोज हर बार पुलिस को चकमा देकर भाग निकलता था।
पुलिस की बार-बार नाकामी के चलते 27 फरवरी को फिरोज पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे 4 दिसंबर को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया। आदतन अपराधी फिरोज पुलिस से बचने के लिए जौनपुर एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भेष बदलकर कंबल और चादरों की फेरी लगाता था और आम लोगों के बीच घुल-मिल जाता था।
पांचवीं तक पढ़ा फिरोज बचपन से ही अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के संपर्क में आने के कारण चोरी-चकारी में लिप्त हो गया। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। चोरी से मिले पैसों से वह नशे का आदी बन गया।
गिरफ्तारी के बाद फिरोज ने बताया कि उसके ऊपर दर्ज मुकदमों के चलते कोर्ट-कचहरी के खर्चे और नशे की आदत को पूरा करने के लिए वह अपराध करता था। उस पर चोरी, डकैती, हत्या के प्रयास और आम्र्स एक्ट में गंभीर मामलों में लगभग तीन दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही मुजफ्फरनगर उ.प्र. का हिस्ट्रीशीटर भी है।
आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में 12 पुलिस वाले शामिल रहे। जिनमें प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, उप निरीक्षक अर्जुन कुमार, हेड कांस्टेबल जितेंद्र चैधरी, कांस्टेबल हरीश राणा , कांस्टेबल प्रेम सिंह व एसटीएफ कुमाऊं टीम में उप निरीक्षक बृजभूषण गुरुरानी, सहायक उप निरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल किशोर कुमार, हेड कांस्टेबल रियाज अख्तर, कांस्टेबल मोहित वर्मा तथा सीआईयू हरिद्वार टीम में निरीक्षक दिगपाल कोहली व कांस्टेबल नरेन्द्र शामिल रहे।