“माही समूह” की डेयरी पहल से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता

हरिद्वार: मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार, श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने विकासखंड नारसन के श्री राधे कृष्णा सीएलएफ के अंतर्गत “माही स्वयं सहायता समूह” द्वारा स्थापित डेयरी और ‘माही मिल्क बार’ का निरीक्षण किया। यह पहल ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। सिकंदरपुर मवाल गांव की महिलाओं ने ₹10 लाख की वित्तीय सहायता (₹3 लाख बैंक ऋण, ₹1 लाख स्वयं का अंशदान और ₹6 लाख परियोजना द्वारा) प्राप्त कर अपने डेयरी व्यवसाय को सशक्त बनाया। अब समूह प्रतिदिन 450 लीटर दूध का उत्पादन कर रहा है, जिसमें से 350 लीटर दूध रुड़की, मंगलौर व मोहम्मदपुर की डेयरियों को और 100 लीटर दूध ‘माही मिल्क बार’ में उपयोग हो रहा है, जहाँ से दही, लस्सी, पनीर आदि उत्पाद बनाकर प्रतिदिन ₹5,000 से ₹7,000 की बिक्री हो रही है। दूध विक्रय से समूह को प्रतिदिन ₹2,250 का सकल लाभ और लगभग ₹49,000 का मासिक शुद्ध लाभ हो रहा है, जिससे लाभार्थी अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय सक्सेना, बीडीओ नारसन श्री सुभाष सैनी, वाईपी श्री अमित सिंह समेत अन्य अधिकारी एवं सीएलएफ की टीम मौजूद रही। यह सफलता ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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