हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में गंगा दशहरा पर हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मां गंगा के अवतरण दिवस पर हर की पौड़ी पूरे दिन मां गंगा के जयकारों से गूंजता रहा। घाटों पर जगह-जगह मां गंगा का दुग्धाभिषेक, अर्चन, पैरावनी, आरती के कार्यक्रम चलते रहे। स्नानार्थियों को भीषण गर्मी में समाजसेवियों ने शीतल शर्बत वितरित किया।
मान्यता है कि मां गंगा ने आज के दिन ही धरती पर अवतरित होकर राजा भागीरथ के पुरखों का उद्धार किया था। इसलिए आज के दिन हर की पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में गंगा स्नान करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से 10 तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन गंगा स्नान करके दान करने और जल का दान करने का विशेष महत्व है।
जिला प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा बल तैनात किया गया। यहां दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत देशभर से लोग पहुंचे हैं। जिसके चलते घाटों पर तो भीड़ रही, लेकिन हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक भारी जाम लग रहा। कुछ किलोमीटर का सफर लोगों ने कई घंटों में तय किया। मन्सा देवी द्वार पर तो पूरे दिन तिल रखने की भी जगा नहीं थी। हालांकि पुलिस ने ट्रैफिक और भीड़ के देखते हुए पहले ही तैयारी की थी, लेकिन भीड़ के आगे वो तैयारी भी नाकाफी साबित हो गई। शहर के अंदर चैक चैराहों पर जाम, तो हाईवे पर रुड़की बाॅर्डर से लेकर हरकी पैड़ी तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
व्यवस्थाओं की नाकाफी को देखते हुये उन्हें संभालने के लिये एसएसपी स्वयं पुलिस बल के साथ ग्राउंड फ्लोर पर उतरे। आज वीकेंड के साथ ही स्नान पर्व एक साथ होने से खाकी के लिए भी दिन चुनौती पूर्ण रहा।