हरिद्वार। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा करते हुए बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जनपद को सभी मदों में ‘ए’ श्रेणी में लाने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन मदों में जनपद ‘डी’ श्रेणी में है, उनकी विशेष समीक्षा की जाए और आवश्यक सुधार किए जाएं।
उन्होंने कहा कि बड़े निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी जांच कराई जाए और स्वीकृत निर्माण योजनाओं का कार्य बिना देरी के शुरू हो। बजट के आते ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाए ताकि काम में विलंब न हो। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई। जिलाधिकारी ने खुद स्थलीय निरीक्षण करने और सभी अधिकारियों से फील्ड भ्रमण करने को कहा, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने निर्देश दिए कि आगामी बैठकों में खर्च की जानकारी और आवश्यक बदलाव के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने सभी विभागों को 10-10 मिनट की पीपीटी तैयार करने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी ने जानकारी दी कि जनपद विभिन्न मदों में प्रदर्शन कर रहा है। 4 मदों में डी श्रेणी, 1 मद में सी श्रेणी, और 8 मदों में बी श्रेणी में है, जबकि शेष मदों में ए श्रेणी में है। उन्होंने बताया कि जिला योजना के तहत 27.51 प्रतिशत, राज्य योजना में 69.15 प्रतिशत, केन्द्र पोषित योजनाओं में 83.80 प्रतिशत और बाह्य सहायतित योजनाओं में 75.45 प्रतिशत धनराशि खर्च की जा चुकी है।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने की, जिसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.के. गुप्ता, परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।