हरिद्वार। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की Pan India Rescue Rehabilitation Campaign को लेकर मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में बैठक हुई।
डीएम ने कहा कि स्ट्रीट चिल्ड्रन व बाल श्रमिकों का चिन्हांकन कर नियमानुसार रेस्क्यू किया जाए। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की ट्रैकिंग हो और सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए।
उन्होंने बाल विवाह पर भी सख्ती बरतने और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सचिव डीएलएसए सिमरनजीत कौर ने कारखानों से ‘नो चाइल्ड लेबर’ सर्टिफिकेट लेने और किशोर श्रमिकों को सुरक्षित काम व उचित वेतन देने की बात कही।
श्रम विभाग ने बताया कि बीते वर्ष 18 बाल श्रमिक और 1 किशोर श्रमिक चिन्हित हुए, जिनमें से कई का शैक्षणिक पुनर्वास किया गया है। इस साल अब तक 2 बच्चे श्रमिक पाए गए हैं।
बैठक में सीएमओ डॉ. आरके सिंह, एडीएम पी.आर. चौहान, सीओ एसपी बडोनी, डीपीओ अविनाश सिंह, स्टेट कोऑर्डिनेटर गजेंद्र नौटियाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।