ऋषिकेश। उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत राज्य में रहने वाले करीब 4.97 लाख पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उत्तराखंड सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल आर. प्रेम राज, एसएम, वीएसएम और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर मीनू सिंह ने सहमति पत्रों का आदान-प्रदान किया। इस मौके पर दोनों अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस समझौते से खासतौर पर उन पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को फायदा होगा, जो राज्य के दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक उनकी सीधी पहुंच नहीं है। एम्स ऋषिकेश, जो कि अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए जाना जाता है, अब ईसीएचएस के तहत पूर्व सैनिकों को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
ईसीएचएस और एम्स ऋषिकेश के बीच हुए इस समझौते के साथ ही एम्स ऋषिकेश, उत्तराखंड का पहला सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बन गया है, जो ईसीएचएस के पैनल में शामिल हुआ है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत पूर्व सैनिकों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाने में कोई परेशानी नहीं होगी। पूर्व सैनिकों के लिए यह सेना का एक बड़ा प्रयास है, जिससे उन्हें उन्नत निदान, विशेष उपचार और महत्वपूर्ण देखभाल सेवाओं सहित अत्याधुनिक चिकित्सा देखभाल प्राप्त होगी।