डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य करने पर होटल और ट्रैवल कारोबारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

हरिद्वार। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां चल रहीं हैं, लेकिन इस बार प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए नियमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा के लिए यात्रियों को डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया है, जिसमें उन्हें अपने खाने और ठहरने की व्यवस्था का विवरण देना होगा।

सरकार के इस नए नियम का होटल और ट्रैवल कारोबारियों ने विरोध किया है। डामकोठी स्थित तुलसी चैक पर टैक्सी-मैक्सी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और ट्रैवल कारोबारियों ने धरना प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई यात्री बिना होटल बुक किए यात्रा पर आते हैं, स्टेशन से उतरकर गाड़ी बुक करते हैं और सीधे यात्रा शुरू कर देते हैं। कई यात्री इतने गरीब होते हैं कि वे होटल में ठहरने की बजाय गाड़ी में ही रात गुजारते हैं। ऐसे में डिक्लेरेशन फॉर्म भरने की अनिवार्यता उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाएगी।

व्यापारियों का आरोप है कि यह नियम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। पहले भी ऋषिकुल में रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों से पैसे लेकर पंजीकरण किया गया था। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि अगर वह पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है, तो ऐसे नियम बनाकर उसे बाधित न करे। अगर सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती है, तो व्यापारी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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