पेंशनर्स की आपात बैठक में गोल्डन कार्ड अंशदान वृद्धि का विरोध, सरकार को सौंपा ज्ञापन

देहरादून |गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, शाखा देहरादून के संरक्षक ठाकुर शेर सिंह ने बताया कि शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को संघ की एक आपातकालीन बैठक कोषागार स्थित आरोहण सभा गार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री आर.पी. सिंह, सेवानिवृत्त उप कृषि निदेशक ने की। बैठक में सेवानिवृत्त कार्मिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के उपरांत सेवानिवृत्त कार्मिकों द्वारा एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसे जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। ज्ञापन में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा सेवानिवृत्त कार्मिकों के गोल्डन कार्ड की अंशदान राशि में बिना उन्हें विश्वास में लिए मनमाने ढंग से वृद्धि की गई है, जिसका सभी पेंशनर्स ने एकमत से विरोध किया। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड के भुगतान को इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।

वक्ताओं ने कहा कि व्यवस्था में सुधार करने के बजाय शासन ने स्वतः अंशदान की मासिक राशि बढ़ाते हुए एक नई योजना लागू करने की घोषणा कर दी है, जिसमें 5 लाख रुपये तक के चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों का भुगतान इंश्योरेंस कंपनी द्वारा तथा इससे अधिक राशि का भुगतान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने इस नई व्यवस्था का भी विरोध किया।

बैठक में पेंशनर्स की अन्य प्रमुख मांगों में 30 जून व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को नोशनल वेतन वृद्धि का लाभ अप्रैल 2023 के स्थान पर 1 जनवरी 2006 से लागू करने, 65, 70 एवं 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन स्वीकृत करने तथा सेवानिवृत्ति पर पेंशन राशिकरण की वसूली अवधि 15 वर्ष के स्थान पर 10 वर्ष 8 माह किए जाने की मांग शामिल रही। इसके अतिरिक्त गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को वर्ष में एक बार निःशुल्क हेल्थ चेकअप की सुविधा देने की भी मांग रखी गई।

वक्ताओं ने यह भी मांग की कि पेंशनर्स का आहरण वितरण अधिकारी संबंधित कोषाधिकारी को बनाया जाए, ताकि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के देयकों को कोषागार के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जा सके। साथ ही जो पेंशनर्स राज्य स्वास्थ्य योजना में सम्मिलित होना चाहते हैं, उन्हें इसका विकल्प चुनने का एक अवसर देने और 17 दिसंबर को राज्य पेंशनर्स दिवस के रूप में मनाए जाने का आदेश जारी करने की भी मांग की गई।

बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि एक माह के भीतर सरकार द्वारा पेंशनर्स की मांगों पर कोई आदेश जारी नहीं किया गया तो बुजुर्ग पेंशनर्स विवश होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बैठक का संचालन श्री दीपचंद शर्मा एवं श्री दिनेश चंद जोशी ने किया। बैठक में श्री प्रमोद कुमार सैनी, सी.एस. भंडारी, ऋषिपाल सिंह, कुंवर सिंह, वीर सिंह, रमेश चंद्र खंडूरी, राजपाल सिंह, अनिल कुमार पैन्यूली, कमलेश लखेरा, अनुसूया प्रसाद, प्रेम सिंह रावत एवं रघुवीर सिंह रावत सहित अनेक पेंशनर्स उपस्थित रहे।

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