धर्मनगरी हरिद्वार में स्थित पौराणिक नारायणी शिला मंदिर में अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यह सिलसिला पितृ अमावस्या तक निरंतर चलता है। बुधवार को पितृपक्ष की सर्मािप्त हो जायेगी। पितृ अमावस्या पितृ पक्ष के अंतिम दिन मनाई जाती है।
कल पितृ अमावस्या पर बड़ी संख्या में पौराणिक नारायणी शिला मंदिर में पित्रों का तर्पण करने लोग पहुंचेगे। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में 16 दिन तक पितृ पृथ्वी पर रहते हैं। शास्त्रों में पितृ शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए श्राद्ध कर्म करना आवश्यक बताया गया है।
इसीलिए यातायात व्यवस्थाओं को संभालने केे लिये आज एसपी ट्रैफिक पंकज गैरोला ने मायापुर क्षेत्र का दौरा कर भौतिक निरीक्षण किया और गंगा घाटों का जायजा लेते हुए यातायात व्यवस्थाओं में तैनात फोर्स को ब्रीफ किया।