आईटीआई कोतवाल व दरोगा निलंबित, पूरी पैगा पुलिस चौकी लाइन हाजिर

किसान सुखवंत सिंह दर्दनाक आत्महत्या का मामला 

काशीपुर। चार करोड रुपए की धोखाधड़ी और पुलिस के संवेदनहीन आचरण से दुखी काशीपुर के किसान द्वारा हल्द्वानी में आत्महत्या किए जाने के हृदय विदारक हादसे ने ना केवल आम जनमानस बल्कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस महकमे को भी झकझोर कर रख दिया है, आधी रात मृतक किसान की अंत्येष्टि के बाद आज इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आईटीआई थाने के कोतवाल और एक दरोगा को निलंबित कर दिया। जबकि पैगा पुलिस चौकी के इंचार्ज समेत पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। 

 उल्लेखनीय है कि काशीपुर क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने विगत दिवस हल्द्वानी के एक होटल में खुद अपने को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व सुखवंत सिंह ने फेसबुक पर एक वीडियो लाइव किया जिसमें उन्होंने करीब डेढ़ दर्जन लोगों का नाम लेते हुए बताया कि जमीन खरीदने के नाम पर उनसे चार करोड रुपए ठग लिए गए। जिसमें तीन करोड रुपए नगद और एक करोड रुपए बैंक के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। वीडियो में सुखवंत सिंह ने बताया कि इस फ्रॉड की शिकायत लेकर जब वह पुलिस के पास गए तो पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे मोटी रकम ली और मानसिक उत्पीड़न किया सुखवंत सिंह ने वीडियो में कहा कि आईटीआई थाने के कोतवाल कुंदन सिंह रौतेला ने उनके साथ कई बार गाली गलौज की और झूठे केस में जेल भेजने की धमकी दी। सुखवंत सिंह ने उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित पैगा पुलिस चौकी स्टाफ पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो बनाने के बाद सुखवंत सिंह के आत्महत्या कर लिए जाने का यह हृदय विदारक मामला उजागर होने के बाद उत्तराखंड सरकार और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर पूरे मामले की न्यायिक जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंप दी गई।

 पोस्टमार्टम के बाद सुखवंत सिंह का शव कल देर शाम पैगा पहुंचते ही क्षेत्र के किसानों में अन्य लोगों का हुजूम लग गया, परिजन व किसान न्याय न मिलने तक मृतक का अंतिम संस्कार न करने की मांग पर अड़ गए। देर रात तक दर्जनों पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मान मनौव्वल करते नजर आए। लंबी चर्चा के बाद 3.80 करोड़ रुपए का 25% मृतक के परिजनों को दिया गया, और 19 जनवरी तक सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा लिखकर कार्यवाही का ठोस आश्वासन दिया गया। 

 आज इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए आईटीआई कोतवाली के इंचार्ज कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जबकि पैगा पुलिस चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार सहित चौकी के पूरे पुलिस स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उधर इस मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उत्तराखंड सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस की भूमिका की भी घोर निंदा की जा रही है।

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