हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय चेन स्नैचर गिरोह के मुखिया को नाकाबंदी करके हिरासत में लिया है। गिरफ्तार युवक आई.टी.आई टाॅपर व बी.एस.सी. पास है। आरोपी पूर्व में भी मेरठ से एक लूट के मुकदमे मे जेल जा चुका है।
ज्वालापुर क्षेत्राधिकारी शांतनु पाराशर ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए कलियर-धनौरी तिराहे पर नाकाबंदी करते हुये एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम नेे बहादराबाद से आगे कृषि विज्ञान केंद्र के पास कलियर-धनौरी तिराहे पर कलियर की ओर से आने वाले रास्ते पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान टीम को एक बाईक आती दिखाई दी, जिस पर दो युवक सवार थे। जिस पर पुलिस ने उन्हें रूकने के लिये कहा, तब वे तेजी से गंगाजी के पुल से आगे धनौरी की ओर भागने लगे। शक होने पर जब टीम बाईक की तरफ बढ़ी तो चालक ने बाइक को घुमाकर भगाने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस टीम ने बाईक को घेरकर रोक लिया। इनमे से एक बाईक सवार को मौके से पकड़ लिया जबकि दूसरा कूदकर जंगल में भागकर फरार हो गया जिसकी सरगर्मी से तलाश जारी है।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गये आरोपी ने अपना नाम हरेन्द्र पुत्र ऋषिपाल निवासी मोहल्ला हुसैनपुरा थाना-जानसठ मुजफ्फरनगर बताया। जिसके कब्जे से कई जगहों से लूटा गया सोना व चोरी कर प्रयोग में लाई जाने वाली बाईक बरामद की गई हंै। हरेन्द्र चोरी की घटनाओें को अपने फरार साथी दानिश के साथ मिलकर अंजाम देता था।
आगे बताया कि 3-4 दिन पहले सुबह के समय ज्वालापुर हाईवे पर मैंने अपने साथी मो0 दानिश के साथ शिवा टूरिस्ट ढाबे के पास से चेन लूट की घटना की थी। जिसमें महिला के गले से चेन छीनते समय चेन टूट गयी थी और चेन का पेंडेंट मेरे हाथ में आ गया था जिसमें ओम लिखा था, जिसकेे बाद हम दोनों वहां से भागकर कलियर आ गये थे, और मोटर साईकिल को मजार के पास खड़ी कर मजार परिसर में ही आराम करते थे।
इस घटना के सम्बन्ध में विगत 19 मई को ज्वालापुर कोतवाली में परमार शैलेन्द्र निवासी भरूच गुजरात ने तहरीर दी थी कि मैं अपने परिवार के साथ हरिद्वार भ्रमण पर आया हुआ था। जब हम गुजरात वापस जाने के लिये दिल्ली तक किराये की कार अर्टिगा से जा रहे थे, तब हम इस बीच ज्वालापुर स्थित सी0एन0जी0 पेट्रोल पंप के पास शिवा टूरिस्ट ढाबे पर नाश्ता करने जा रहे थे, तभी पैदल चल रही मेरी पत्नी के गले से सोने की चेन को दो अज्ञात दोपहिया वाहन सवारों ने लूट लिया। जिसमें चेन का पेंडिल लूटकर दोनों अज्ञात वाहन सवार बाईक से भाग निकले।
पूछताछ में आगे पता चला कि आरोपियों ने शामली व रुड़की में रात्रि के समय राह चलती महिलाओं व हर की पैड़ी क्षेत्र से भी गले से चेन छिनैती की घटनाओं को अंजाम दिया था। जिसके बाद आरोपी कलियर भाग आये। घटना में उपयुक्त मोटर साइकिल को भी करीब एक महीना पहले बरला मु.नगर से चोरी किया था। आरोपियों के विरूद्ध धारा-392 में मुकदमा पंजीकृत किया गया ।
आरोपी चोरी व लूटी चीजों को बेचकर रूपये आपस में बांटते थे, जिससे उनका गुजारा चलता था। साथ ही बताया कि मोटरसाईकिल चुराकर उनकी नम्बर प्लेट पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर चेन स्नैचिंग की घटना करते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आ जाएं।
हरेन्द्र ने बीएससी व आईटीआई इंस्ट्रूमेंट ट्रेड में पूरे कॉलेज में टॉप किया था। हरेन्द्र ने जानसठ मुजफ्फरनगर में एक स्कूल में पढ़ाया भी था। जो उसके पिता द्वारा संचालित था। जिस कारण क्षेत्रीय लोग उसे मास्टर कह कर पुकारते थे। जो अब वर्तमान में अंतरराज्यीय चेन स्नेचर गिरोह का मुखिया है। मास्टर आरोपी पर पूर्व मे मेरठ से एक लूट के मुकदमे मे जेल जा चुका है।