हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र में विगत 13 दिन पूर्व हुए ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक की पहचान पश्चिमी दिल्ली निवासी हनी के रुप में हुई है। हनी अय्याशी और सट्टेबाजी का शौकीन था। उसके दोस्तों ने ही मिलकर हनी की गला घोंटकर हत्या की थी, हत्या के बाद शव को रवासन नदी के किनारे फ़ेंक दिया था। पुलिस ने नीरज को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरे आरोपी नागेंद्र की तलाश जारी है।
विगत 24 नवम्बर को थाना श्यामपुर क्षेत्र में रवासन नदी के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। जिससे क्षेत्र में सनसनी मच गई थी। पुलिस ने शव की हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस नेे शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। किन्तु मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मर्डर के खुलासे के लिए थाना श्यामपुर पुलिस व सीआईयू की संयुक्त टीम गठित की थी। घटना के अनावरण की जिम्मेदारी सीओ सिटी जूही मनराल व एसपी सिटी पंकज गैरोला को दी गई थी।
हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को शव की पहचान न होना सबसे बड़ी चुनौती बनी। पुलिस ने लेबर एंगल से जांच शुरू करते हुए 1000 से अधिक मजदूरों और ठेकेदारों का सत्यापन किया। दिल्ली, बिजनौर, बलिया जिलों तक टीमें भेजी गईं। 10,000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों का डेटा खंगालने के बाद आखिरकार मृतक की पहचान अभय शर्मा उर्फ हनी निवासी पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई।
घटनास्थल के पास एक सीसीटीवी कैमरे में संदिग्ध मोटरसाइकिल की हलचल पकड़ी गई। 20 किलोमीटर तक कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने संदिग्धों का पता लगाया। मुखबिरों और तकनीकी टीम की मदद से नीरज को नहर पटरी सोनाली पुल के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि मृतक हनी अय्याशी और सट्टेबाजी का शौकीन था। मृतक अपनी अय्याश जिंदगी के चलते अपने परिवार से अलग रहता था। दिल्ली में सट्टेबाजी के साथ लड़की सप्लाई करने का काम भी करता था। हनी की कुुछ महीनों से नीरज शुक्ला व नागेंद्र से गहरी दोस्ती थी। जो पेशे से ड्राइवर हैं। सट्टे और अय्याशी में डूबने के कारण हनी पर लाखों का कर्ज हो गया था। हनी ने अय्याशी और सट्टे के कारण नीरज शुक्ला के माध्यम से कई लोगों से लाखों का कर्ज लिया था, जब हनी ने नीरज से लिया कर्ज नहीं लौटाया, तो कर्जदार नीरज से पैसे मांगने लगे। जिन्हें उसने अपनी अय्याशियों में उड़ा दिया। जब हनी ने कर्ज लौटाने से मना कर दिया, तो नीरज ने नागेंद्र के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
हनी तांत्रिक विद्या पर विश्वास होने के चलते सट्टे में मोटी रकम जीतने के लालच में तांत्रिक के पास जाता था। नीरज और नागेंद्र ने हनी को हरिद्वार में एक ‘तांत्रिक’ से मिलाने के बहाने बुलाया। हाल ही में हनी ने दिल्ली स्थित फ्लैट बेचा था, जिससे उसे करीब 30 लाख रुपये मिले। दोनों ने मृतक हनी के साथ लगातार समय बिताते हुए शराब पीने और साथ उठने-बैठने का बहाना बनाकर उसके मोबाइल नंबर, एटीएम पासवर्ड, बैंक अकाउंट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी जुटा ली। जब हनी ने नीरज का उधार नहीं चुकाया और उसके खाते में लाखों रुपये होने का पता चला, नीरज और नागेंद्र 24 दिसंबर की रात, हनी को तांत्रिक के पास ले जाने के बहाने शराब के नशे में धुत्त कर रवासन नदी के किनारे ले गये। जहाँ रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद, पहचान मिटाने के लिए, आरोपियों ने मृतक हनी के चेहरे को पत्थर से बिगाड़ दिया, ताकि वह पहचाना न जा सके। फिर, आरोपियों ने मृतक के पैसे, घड़ी और मोबाइल छीन लिए और उसकी बाइक भी लेकर चले गए। मृतक के पैसे का इस्तेमाल कर उन्होंने अपनी अय्याशी की शुरूआत की।
हत्या के बाद आरोपियों ने हनी के अकाउंट से पैसे निकाल लिए और फरार हो गए। नीरज के पास से मृतक के खाते से निकाले गए 1,04,000 रुपये नकद बरामद हुए हैं। बैंक खाते में मौजूद 8 लाख रुपये की राशि को पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। पुलिस ने नीरज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नागेंद्र की तलाश जारी है।
आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में सीओ जूही मनराल क्षेत्राधिकारी नगर हरिद्वार, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, उप निरीक्षक विक्रम बिष्ट चौकी इंचार्ज चंडी घाट, उप निरीक्षक गगन मैठाणी चौकी इंचार्ज लालढांग, उपनिरीक्षक मनोज रावत, उप निरीक्षक अजय कृष्णा, उप निरीक्षक अंजना चौहान, अपर उप निरीक्षक इरशाद मालिक, अपर उप निरीक्षक रणजीत चौहान, हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह, बृजमोहन, शेर सिंह व कांस्टेबल राजेंद्र नेगी, श्वेता, राहुल देव, रमेश, सुशील, कृष्ण भारद्वाज, सौरभ रावत तथा सीआईयू टीम में निरीक्षक दिगपाल कोहली, कांस्टेबल वसीम (एस ओ जी) व विवेक यादव प्राइवेट टीम लक्ष्मण, विपुल, अर्जुन व ग्राम प्रधान गाजीवाली देवेंद्र नेगी शामिल रहे।