**हरिद्वार।** जनपद में गठित *जिला पर्यटन विकास समिति* की चौथी बैठक शुक्रवार को जिलाधिकारी **मयूर दीक्षित** की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित हुई। बैठक में नए पर्यटन स्थलों के चयन और विकास, विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव, तथा पर्यटन सुविधाओं को और सशक्त बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार में आने वाले अधिकांश यात्री धार्मिक उद्देश्य से यहां पहुंचते हैं और प्रायः एक दिन रुककर गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर लौट जाते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि पर्यटकों को हरिद्वार के *अल्पज्ञात तीर्थस्थलों* से भी परिचित कराया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे स्थलों की पहचान कर उनका विकास और प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि यात्रियों का प्रवास समय बढ़ सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।
**जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल** ने जिलाधिकारी को प्रस्तावित *हरिद्वार भ्रमण योजना* प्रस्तुत की। योजना के तहत छह पर्यटन सर्किट तैयार किए गए हैं —
1️⃣ **प्रथम टूर:** माँ सुरेश्वरी मंदिर – राजाजी नेशनल पार्क (रानीपुर गेट)
2️⃣ **द्वितीय टूर:** माँ विंध्यावाशिनी मंदिर – राजाजी नेशनल पार्क (चीला गेट)
3️⃣ **तृतीय टूर:** कनखल (सतीकुंड, दक्ष प्रजापति मंदिर, दरिद्र भंजन महादेव), दक्षिण काली मंदिर (नीलधारा), नमामि घाट, गौरी शंकर महादेव, नीलेश्वर महादेव, माँ मायादेवी, बिल्वकेश्वर महादेव और माँ सुरेश्वरी देवी मंदिर का भ्रमण
4️⃣ **चतुर्थ टूर:** पंचलेश्वर महादेव मंदिर
5️⃣ **पंचम टूर (एडवेंचर टूरिज्म):** झिलमिल झील, पीली पड़ाव धर्मकुंड ट्रैक, सुल्ताना डाकू की जेल और सिद्धस्रोत महादेव मंदिर
6️⃣ **षष्ठ टूर:** माँ चुड़ियाला मंदिर
जिलाधिकारी ने उक्त पर्यटन सर्किटों को शीघ्र लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि *लक्सर-सुल्तानपुर स्थित महाभारत कालीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर* को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कार्य किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने हरिद्वार को *एडवेंचर टूरिज्म हब* के रूप में विकसित करने की बात कही। इसके तहत *भीमगोडा बैराज और रुड़की गंगनहर* में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को हरिद्वार में *पार्किंग, ईको पार्क और एडवेंचर पार्क* विकसित करने की योजना बनाने को कहा। साथ ही *पिरान कलियर* में उपयुक्त स्थल चिन्हित कर पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
पर्यटन अधिकारी नौटियाल ने बताया कि हरिद्वार में *ग्रामीण पर्यटन* को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत *पीली पड़ाव और झिलमिल झील क्षेत्र* में ग्रामीणों से संवाद कर वहां की सामाजिक-सांस्कृतिक झलक दर्शाने वाले पर्यटन टूर तैयार किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने जनपद की *ऐतिहासिक धर्मशालाओं और आश्रमों* के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर *हेरिटेज वॉक* और *शीतकालीन पर्यटन* को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में **जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश**, **मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार**, **एसडीओ वन विभाग पूनम कैलोला**, **मेयर प्रतिनिधि हितेश चौधरी**, तथा **होटल एसोसिएशन सचिव अमित पंजवानी** सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।