हरिद्वार। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने सूचित किया है कि निर्वाचन व्यय-अनुवीक्षण के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को अपने खर्चों की सही जानकारी देनी होगी। यह जनवरी, 2024 के प्राविधानों के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77 के तहत होगा। इसके लिए, उन्हें 30 दिनों के अंदर अपने खर्चों का विवरण, खोले गए बैंक खाते का ब्याज विवरण, और आवश्यक दस्तावेजों की सही प्रतिलिपि साबित करनी होगी। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव व्ययों का लेखा दाखिल करने में असफल रहा तो उसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क के अधीन निरर्हित घोषित किया जा सकता है।
उन्होंने 4 जुलाई तक निर्वाचन व्ययों का लेखा अपने हस्ताक्षरित निर्वाचन व्यय लेखा पंजीका में वाउचर्स को क्रमांकित करने, निर्वाचन व्यय के लिए बैंक खाता का विवरण प्रस्तुत करने, और निर्धारित प्रारूप भाग-प्ट पर शपथ-पत्र को संलग्न करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करें।
साथ ही 27 जून को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट भवन में, सुबह 10 बजे से एक दिवसीय फैसिलिटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में स्वंय या अपने निर्वाचन अभिकर्ता के जरिये प्रतिभाग करें।