हरिद्वार। 122 वर्ष पूर्व बने गुरुकुल में आज हुये राष्ट्रभक्त महायज्ञ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमरहुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द महाराज के 99 वें बलिदान दिवस में शामिल हुये। 100 साल बाद हुए हवन यज्ञ में उनके साथ केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कुलाधिपति सत्यपाल मलिक, विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, कुवंर प्रणव चैम्पियन, संजय गुप्ता, बाॅलीबुड अभिनेता विवेक ऑबराय, योगानंद शास्त्री, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने भारत की स्वतंत्रता और वैदिक शिक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणादायक है। स्वामी श्रद्धानंद के विचारों ने न केवल हजारों लोगों को सनातन धर्म में वापसी के लिए प्रेरित किया बल्कि अंग्रेजों की नीतियों को भी चुनौती दी। हरिद्वार में 1902 में स्थापित उनका गुरुकुल आज वैश्विक स्तर पर वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार का एक मजबूत स्तंभ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गुरुकुल ऋषियों के दर्शन और राष्ट्रवाद की भावना का प्रतीक है, जहां से शिक्षार्थी विश्व बंधुत्व का संदेश लेकर निकले हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा मानवता की सेवा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कोविड वैक्सीन से लेकर योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई है।

राज्य सरकार भी सनातन संस्कृति के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। दून विश्वविद्यालय में हिंदू स्टडीज सेंटर की स्थापना के साथ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण जैसे कार्य तेजी से हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलकर कार्य करने से भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का सपना साकार होगा।