“एक शाम देश के भगत के नाम” में गूंजा देशभक्ति का जज्बा, मुख्यमंत्री ने किया वीर बलिदानियों को नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित “एक शाम देश के भगत के नाम” कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। शिव धरा फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को उन्होंने आजादी के महान नायकों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का अवसर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर शहीदों ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनके अटूट इरादों और बुलंद हौसले ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया, और आज हम उनके बलिदान के कारण ही स्वतंत्रता का सुख भोग रहे हैं।

उन्होंने भगत सिंह के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि सच्ची स्वतंत्रता तभी संभव है जब समाज में सभी वर्गों और जातियों को समान अधिकार मिले। इसी सोच को साकार करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू की, जिससे राज्य के सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 23 मार्च को उनकी सरकार के द्वितीय कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे हुए हैं, और इस दौरान राज्य ने समग्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की पूर्ति में उत्तराखंड भी पूरी निष्ठा से योगदान दे रहा है। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया, जिनमें स्वामी विनायक, पल्लवी पटेल, अखिलेश अग्रवाल, प्राची कंडवाल, संजीव गोयल समेत प्रतिष्ठित कवि डॉ. हरिओम पंवार, अमित शर्मा, कुशल कुशवाहा, महिमा श्री और श्रीकांत श्री शामिल थे।

कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शिव धरा फाउंडेशन के लल्लन सिंह, विशाल जिंदल, उमेश पटेल, मयंक सिंह गौर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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