देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से केन्द्र के सभागार में युवा साहित्यकार मनु मनस्वी के काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ का लोकार्पण और चर्चा का एक आयोजन किया गया। इस काव्य संग्रह का लोकार्पण साहित्यकार प्रोफेसर रामविनय सिंह, साधना शर्मा और डॉ. अरुण कुकसाल ने किया। इस अवसर पर काव्य संग्रह के विविध पक्षों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
वक्ताओं ने कहा कि साहित्यकार मनु मनस्वी के काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ की कविताएं जीवन के कई पहलुओं को छुती नजर आती हैं। कविताओं में प्रेम और भूख को इस शिद्दत के साथ पेश किया गया है मानों इसे वर्षों भोगा गया हो। मनु मनस्वी की कविताओं में कई रंग दिखते हैं, जिसे वह बेहद ईमानदारी से पाठकों के सामने रखते हैँ। कुछ कविताएं भोगे हुए कर्मों के सही-गलत होने का भान भी कराती दिखती हैं।
‘कागज निगोड़े’ काव्य संग्रह पर चर्चा करते हुए प्रो. राम विनय सिंह ने कहा कि संग्रह की कविताएं हमें जीवन की तल्ख हकीकत से रूबरूं करवाती हैं। वहीं साधना शर्मा ने कहा कि युवा कवि का यह प्रयास बेहद सफल रहा है। उन्होंने जीवन की सच्चाई को पाठकों के सामने उधेड़कर रख दिया है ओर वह भी बिना किसी लाग लपेट के।डॉ.अरुण कुकसाल ने मनु मनस्वी के इन लघु कविताओं को जीवन के अन्तर्सम्बन्धों का पर्याय बताते हुए उन्हें अति महत्वपूर्ण बताया। उल्लेखनीय है कि मनु मनस्वी बीते दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्तमान में ये देहरादून से प्रकाशित होने वाले दैनिक भास्कर समाचार पत्र में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनका यह कविता संग्रह अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि सभी ऑनलाइन साइट्स पर उपलब्ध है।