हरिद्वार। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) सुनील सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को मंजूरी मिल गई है। नए कानून के तहत सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी और मुस्लिम समुदाय के सभी शैक्षणिक संस्थान उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करेंगे।
इससे मदरसों की व्यवस्था में सुधार होगा और अल्पसंख्यक छात्रों को योग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। कानून का उद्देश्य अल्पसंख्यक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
उत्तराखंड इस कानून को लाने वाला पहला राज्य बन गया है, जिससे सभी अल्पसंख्यक संस्थान अब एक ही प्राधिकरण के अंतर्गत आएंगे और छात्रों को समान अवसर मिलेंगे।