घोड़ाखाल। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में रविवार को देश की रक्षा तैयारियों और युवा कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर एक खास दिन रहा। माननीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने स्कूल का दौरा किया और कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस दौरान स्कूल के प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन विजय सिंह डंगवाल, स्टाफ और कैडेट्स ने उनका भव्य स्वागत किया।
मंत्री संजय सेठ ने स्कूल के बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया और कैडेटों से बातचीत की। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प का जिक्र किया और बताया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत से ही पूरी हो सकती है।
कैडेट्स को प्रेरित करते हुए उन्होंने सफलता के तीन मूल मंत्र— समर्पण, अनुशासन और भक्ति— को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक अच्छा नेता वही बनता है जो इन मूल्यों को आत्मसात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि हर कैडेट को अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करना चाहिए और राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन विजय सिंह डंगवाल ने स्कूल के उत्थान में रक्षा मंत्रालय के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए मंत्री संजय सेठ का आभार जताया। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप कैप्टन डंगवाल ने मुख्य अतिथि को स्मारिका भेंट की।
मंत्री संजय सेठ की यह यात्रा कैडेट्स के लिए बेहद प्रेरणादायक रही और स्कूल के मिशन— देश के लिए अनुशासित और समर्पित भविष्य के नेता तैयार करने— को और मजबूती देने वाली साबित हुई।