हरिद्वार। आज अलीपुर, बहादराबाद स्थित बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस एंड इ एच रिसर्च हॉस्पिटल के सभागार में ‘विश्व एड्स दिवस’ पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश संयोजक और इएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने किया।
संगोष्ठी में डॉ. चौहान ने कहा कि एड्स एक गंभीर रोग है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। यह रोग मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने, दूषित रक्त लेने और इस्तेमाल की गई सुई के प्रयोग से फैलता है। उन्होंने बताया कि एड्स, जिसे ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिसिएंसी सिंड्रोम’ कहा जाता है, एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिसिएंसी वायरस) के कारण होता है। इस बीमारी से बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध, सुरक्षित रक्त संक्रमण और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
डॉ. चौहान ने यह भी बताया कि एड्स के कारण रोगी का रक्त और लिम्फ दूषित हो जाते हैं, जिससे शरीर के अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के माध्यम से इस बीमारी का सफल उपचार संभव है।
संगोष्ठी में डॉ. ऋचा आर्य, डॉ. नीलम भारती, डॉ. बीबी कुमार, डॉ. अमर पाल अग्रवाल, डॉ. आदेश शर्मा, डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल और डॉ. अशोक कुशवाहा ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने एड्स से बचाव और जागरूकता के महत्व पर बात रखी।