हरिद्वार | वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन, हरिद्वार (उत्तराखंड) ने नव वर्ष के अवसर पर समाज को संदेश देते हुए जघन्य अपराधों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में आयोजित बैठक के बाद संगठन ने दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से न्यायपालिका से सख्त कार्रवाई की अपील की है।
संगठन ने कहा कि वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, किंतु वर्तमान समय में घटित हो रही घटनाएं इस अभियान की भावना को गहरी चोट पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने चिंता जताई कि जब लोकसेवक ही बालिकाओं के साथ बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त पाए जाते हैं, तो यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक और अमानवीय है। संगठन ने इसे “जब बाड़ ही खेत को खाने लगे” वाली कहावत से जोड़ते हुए व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
बैठक में निर्भया कांड, अंकिता भंडारी प्रकरण, उन्नाव सामूहिक बलात्कार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुए बलात्कार व हत्याओं तथा गवाहों तक की हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सत्ता-संरक्षित व्यवस्था द्वारा न्याय की सुनियोजित हत्या की गई है। संगठन का आरोप है कि अपराधियों ने साक्ष्य मिटाकर स्वयं को बचाने और पीड़ित परिवारों को मानसिक रूप से तोड़ने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।
वरिष्ठ नागरिक संगठन ने देश की माननीय सर्वोच्च अदालत द्वारा जनता की आवाज पर संज्ञान लेते हुए जमानत पर रोक लगाने के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे दंड अवश्य मिलेगा। संगठन ने सर्वोच्च अदालत से अपील की कि ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को कठोरतम सजा, संभव हो तो फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बैठक में विद्यासागर गुप्ता, आनंद प्रकाश गौड़, शिव बचन, अतर सिंह, एस.यू.एस. भास्कर, गुलाब राय, हरि सिंह, गुलाल सिंह, रामसागर, भोपाल सिंह, बिपिन चंद्र गोयल, सोमपाल, एस.एन. बत्रा, सुभाष, बदन सिंह, शिव कुमार, सतपाल, पी.सी. धीमान, के.पी. शर्मा, एम.सी. त्यागी, ए.एस. राना, हरदयाल, मोतीलाल, सुभाष ग्रोवर, गिरधारी लाल, शिवचरण, द्वारकादास, एच.सी. चावला, श्याम सिंह, के.एल. कौशिक, ताराचंद, संतराम, राजकुमार, चंद्रपाल, अशोक पाल, आर.के. शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।