हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने बिजली विभाग की ओर से बिजली बिलों में जोड़ी जा रही अग्रिम जमानत राशि तथा अतिरिक्त सरचार्ज के विरुद्ध गुस्सा बढ़ गया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि विभाग ने अप्रैल 2025 से अग्रिम जमानत धनराशि खत्म करने की घोषणा के बावजूद मई के बिजली बिलों में फिर से यह राशि जोड़ दी है, जो उपभोक्ताओं के साथ सीधा अन्याय है। संगठन के अध्यक्ष चौधरी चरणसिंह ने कहा कि नया कनेक्शन लेते समय पहले ही जमानत राशि जमा कराई जाती है, फिर दोबारा इसकी मांग करना गलत है। उन्होंने बढ़ती बिजली दरों, 170 रुपये फिक्स चार्ज और अन्य अतिरिक्त सरचार्ज को भी अनुचित बताते हुए कहा कि इससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संगठन ने इन अवैध शुल्कों को तत्काल हटाने की मांग करते हुए कहा कि इन पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।