देहरादून। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (एनएसडीसी) द्वारा 2021 में लॉन्च किए गए स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड ने 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 18 क्षेत्रों में कम आय वाले परिवारों के पहली बार नौकरी चाहने वाले 29,000 से अधिक युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। इनमें से 73 प्रतिशत ने नौकरी ज्वाइन कर ली है। इस पहल का उद्देश्य कौशल और रोजगार के बीच की खाई को पाटकर 50,000 युवा भारतीयों को तैयार करना है, जिनमें महिलाओं की पहुँच 60 प्रतिशत है।
स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें महिलाओं को भी बराबर अवसर दिए जाते हैं। प्रशिक्षुओं में कम आय वाली पृष्ठभूमि की 74 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जिनमें से कई ऐसी हैं जिन्होंने सीमित शिक्षा हासिल की है और जिन्हें कोई पूर्व कार्य अनुभव भी नहीं है। कार्यक्रम ने इन महिलाओं को कार्यबल में सफलतापूर्वक शामिल किया है और इन्हें बनाए रखा है। पारिवारिक जुड़ाव, कार्यस्थल पर परिचित कराना, गतिशीलता सहायता और नियुक्ति के बाद सहायता जैसी रणनीतियाँ इन परिणामों को प्राप्त करने में सहायक रही हैं।
अपने संबोधन के दौरान, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव, अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि जब विचारशील दिमाग एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम सिर्फ़ निवेश ही नहीं करते; हम समुदायों का निर्माण करते हैं। हम बेहतर आजीविका, मज़बूत परिवार और पहले से अधिक सक्षम राष्ट्र के लिए रास्ते बनाते हैं। स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड इस विज़न का उदाहरण है, जिसने 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम आय वाले परिवारों के लगभग 29,000 पहली बार नौकरी चाहने वालों को प्रशिक्षित किया है।